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क्या होगा अगर आपका लिंग खड़ा न हो?

01 August 2018, Wednesday
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रंध्रमय ऊतकों में रक्त भरने के परिणामस्वरूप कड़ेपन में वृद्धि होती है. दृश्य उत्तेजना, यौन कल्पनाओं, यौन उत्तेजनाओं, या अन्य किसी प्रकार की उत्तेजना के चलते कड़ापन बहाल होता है.
कड़ेपन की अस्थायी या स्थायी अनुपस्थिति कड़ेपन की समस्या का लक्षण है. लेकिन ऐसा क्यों होता है और क्या इसका इलाज करना संभव है?

कड़ेपन की समस्या के कारण

रोगी की शिकायत, परीक्षा, विश्लेषण और रोगी की मनोवैज्ञानिक स्थिति के आधार पर कड़ेपन की समस्या के वास्तविक कारण को केवल किसी डॉक्टर द्वारा के द्वारा ही पता लगाया जा सकता है. इसलिए, पहली बार इस समस्या से प्रभावित होने पर डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है. अन्यथा यह बीमारी एक अपरिवर्तनीय रूप में विकसित हो जाएगी, यानी कि नपुंसकता.
ज्यादातर मामलों में कड़ेपन की अक्षमता एक अस्थायी समस्या होती है और इसका सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है. इसके सबसे आम कारणों में अधिक काम करना और सही से आराम न करना होते हैं. यदि आपके काम में अत्यधिक शारीरिक या मानसिक तनाव होता है, तो आपको दिन में कम से कम ८ घंटे सोना चाहिए और पर्याप्त भोजन ग्रहण करना चाहिए. केवल इस तरह से शरीर को प्राकृतिक रूप से बहाल किया जाता है और आपके स्वास्थ्य को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा.
तंत्रिकातंत्र पर पड़ने वाला अधिक दबाब भी कड़ेपन की समस्या का एक और आम कारण है. अगर आप लगातार ईर्ष्या, नाराजगी, भय और घृणा से पीड़ित हैं तो इसमें कोई भी आश्चर्य होने वाली बात नहीं है यदि आपकी पूर्ण यौन ऊर्जा बर्बाद हो गई है तो.

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  • पहले और दूसरे सप्ताह में:  
    कड़ापन लम्बे समय के लिए कठोर बन जाता है, लिंग की संवेदनशीलता २ गुना तक बढ़ जाती है. परिणाम नज़र आने लगते हैं – क्योंकि आपके लिंग का आकार १.५ सेमी. तक बढ़ चुका होता है.1
  • दूसरे और तीसरे सप्ताह में:  
    पहले से आपके लिंग में आकार वृद्धि दर्शित होने लगती है, यह संरचनात्मक रूप से एकदम सटीक बन जाता है. सम्भोग का समय ७०% तक बढ़ जाता है!2
  • चौथे सप्ताह में और उससे आगे:  
    लिंग ४ सेमी. तक बढ़ जाता है! सम्भोग का आनंद पहले से और भी अच्छा हो जाता है. ओर्गेज़्म लम्बे समय के होते हैं जो कि ५-७ मिनट तक चलते हैं!

इसके अलावा, निम्नलिखित कारकों के प्रभाव के तहत भी कड़ापन गायब हो जाता है:
  • संशय;
  • अतीत में सेक्स का नकारात्मक अनुभव;
  • साथी के साथ संघर्ष;
  • अपने शरीर के साथ असंतोष.

कोई आदमी आदमी हमेशा इन समस्याओं को अपने आप हल नहीं कर सकता है. भावनाओं की क्षमता को कम करने के लिए किसी मनोवैज्ञानिक के पास जाएं या फिर सीडेटिव का सेवन करें.
कभी-कभी कड़ेपन की समस्या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी होती है, जैसे कि:
  • प्रजनन प्रणाली के जन्मजात रोग;
  • प्रोस्टेट ग्लैंड में सूजन;
  • यौन संक्रमण;
  • लिंग में लगी कोई चोट;
  • कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां;
  • तंत्रिका तंत्र की समस्यायें;
  • हार्मोनल समस्यायें.
अक्सर उम्र के साथ लिंग का कड़ापन गायब हो जाता है. बुढ़ापे तक आप कैसे कड़ेपन को बरक़रार रख सकते हैं और अपना स्वास्थ्य ठीक रख सकते हैं? अभी तक अच्छी जीवनशैली के अलावा इसका कोई भी अन्य अच्छा साधन नहीं मिला है.

चिकित्सकीय रूप से कड़ेपन की समस्या का इलाज कैसे करें?

सिंथेटिक दवाओं को ख़ुद से लेना आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. यदि आप कड़ेपन को प्रोत्साहित करना चाहते हैं, तो केवल प्राकृतिक साधनों (देशी उपायों) और प्राकृतिक दवाओं (Hammer of Thor, आदि) का उपयोग करें. इन उपायों के कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होते है और किसी भी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद किसी भी पुरुष के द्वारा इनका उपयोग किया जा सकता है. इसके अलावा, इन दवाओं का शरीर पर टॉनिक की तरह असर होता है और ये दवाएं शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति करती हैं. सिंथेटिक दवाएँ, जिनका प्रभाव अस्थायी होता है (स्खलन के बाद कड़ापन लंबे समय के लिए गायब हो जाता है), उनके विपरीत Hammer of thor और इसी तरह के अन्य उपाय स्थायी परिणाम प्रदान करते हैं. १-२ कोर्स के बाद आप अपने कड़ेपन को स्वयं नियंत्रित कर सकते हैं, जैसा कि कोई सामान्य स्वस्थ व्यक्ति करने में सक्षम होता है.

कड़ेपन के दोष को खत्म करने के अन्य तरीके

फिजियोथेरेपी को कड़ेपन की समस्या को दूर करने में एक सहायक उपचार के रूप में देखा जाता है. जब समस्या का कारण प्रोस्टेट ग्लैंड की सूज़न होता है तब साइनसॉइडल मॉड्यूलेटेड करंट (सीएमटी) विशेष रूप से प्रभावी होती है. सीएमटी-थेरेपी सेलुलर चयापचय के त्वरण को बढ़ावा देती है, रक्त प्रवाह में वृद्धि करती है, साथ ही साथ स्माल पेल्विस में ऑक्सीजन की पूर्ति करती है.
यदि कड़ेपन की समस्याएं हाल ही में शुरू हुई हैं और अनियमित रूप से होती हैं, तो ऐसे में आपके लिए वैक्यूम पंप सहायक होगा. यह कैसे काम करता है? पारदर्शी प्लास्टिक से बने फ्लास्क में लिंग को डाला जाता है. फिर हवा को रबर के बाल्ब की मदद से बाहर निकाल दिया जाता है. चूंकि फ्लास्क में दबाव कम हो जाता है, इसलिए लिंग में रक्त प्रवाह में सुधार होता है. कड़ापन पहले से अधिक और लंबे समय तक चलने वाला होता है. पंप की एकमात्र कमी यह है कि आप इसे अपने साथी से छुपा नहीं सकते हैं. लेकिन एक मजबूत और प्रेमपूर्ण संबंध में समझदार महिला को आसानी से इस मुद्दे को समझन चाहिए और अपने साथी का उत्साह वर्धन करना चाहिए.

क्या होगा अगर आप कड़ेपन की अक्षमता का इलाज न करवाएं?

यदि आप मर्दानगी से जुडी समस्याओं को अनदेखा करते हैं और नियमित यौन संबंध नहीं बनाते हैं, तो ऐसे में आप श्रोणि क्षेत्र में जमाव और सूजन को बढ़ावा दे रहे होते हैं. ऐसे में आप अनचाहे में निम्न बीमारियों को उकसाते हैं जैसे कि:
  • क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस;
  • ऑरकायटिस;
  • वेसीक्योलायटिस;
  • ऑन्कोलॉजिकल बीमारियां
इसलिए, कड़ेपन से जुडी मामूली समस्याओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. अन्य एडवांस मामलों में, डॉक्टर की देखरेख में ही उपचार किया जाना चाहिए.
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