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अपने वीर्य की मात्रा बढ़ाएं – यह आपकी सोच से भी आसान है

18 July 2018, Wednesday
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जबकि वीर्य का विषय कुछ लोगों के लिए घृणास्पद हो सकता है, सभी उम्र के बहुत से पुरुषों की यही इच्छा होती है की उनके लिंग से निकलने वाले वीर्य की मात्रा काफी अधिक हो। कारण कई हैं:
  • यह अच्छा लगता है - अधिक वीर्य = बेहतर कामोन्माद (विशेष रूप से जब आप इसे और दूर तक फेंकना सीख लेते हैं)
  • इसे पुरुष प्रजनन क्षमता से जोड़ा जाता है - हालांकि शुक्राणु की कोशिकाएं पुरुष प्रजनन क्षमता का मुख्य कारक हैं, वीर्य की कम मात्रा पुरुष बांझपन का ज्ञात कारण है
  • देखने में चित्ताकर्षक (संतोषप्रद) लगता है – वीर्य के निराशाजनक धीमे रिसाव की तुलना में खुद को वीर्य की कई लंबी लड़ियाँ निकालते हुए देखकर काफी अच्छा लगता है
  • इससे आपकी संगिनी(याँ) काफी ज्यादा प्रभावित होती है – ज़रा सोचिये कि आपको जोरदार कामोन्माद का अनुभव करते देखकर आपकी संगिनी को कितनी प्रसन्नता होगी (जैसा कि वीर्य के धीमे, निराशाजनक रिसाव से नहीं होता)
  • हो सकता है कि आपने अपने वीर्य की मात्रा में कमी का अनुभव किया हो - उम्र और अन्य कारक कभी-कभी वीर्य की मात्रा में गिरावट का कारण बन सकते हैं
  • यह एक आम सम्मोहन है – किसी पर अपना वीर्य फेंकना (cumshot) और वीर्य की सम्मोहक सी अधिक लोकप्रिय यौन कल्पनाओं में से कुछ हैं
  • यह मानसिक रूप से सशक्त बनाता है - आपकी यौन शक्ति में हुए सुधार से बढ़ने वाले आत्मविश्वास पर आप फुले नहीं समायेंगे

कौन अपने वीर्य उत्पादन में वृद्धि करना चाहता है? और क्यों?

आप यह जानकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं कि कितने सारे लोग अपने वीर्य की मात्रा को बढ़ाना चाहते हैं। सभी उम्र के लोगों - पुरुष और महिला दोनों - की पुरुष द्वारा अधिक वीर्यपात किये जाने की चाह के पीछे उनके अपने अपने कारण हैं और वे अधिक वीर्य पैदा करने और पुरुष प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के तरीकों की खोज कर रहे हैं। सच तो यह है कि अधिक मात्रा में वीर्यपात करने की पुरुषों की चाहत के पीछे बहुत सारे कारण हैं। प्रत्येक संभावित लाभ एक अलग तबके के लोगों (और/या जोड़ों) को वीर्य की मात्रा को बढ़ाने के तरीकों के बारे में अनुसंधान करने की ओर आकर्षित करता है। कुछ पुरुष तो बस अधिक तीव्र कामोन्माद चाहते हैं जो वीर्य के बढ़ने से प्राप्त होता है, जबकि अन्य लोग बच्चे पैदा करने के उद्देश्य से पुरुष प्रजनन क्षमता और शुक्राणुओं की संख्या में सुधार करने की चाहत रखते हैं। कुछ पुरुष स्खलन से पूर्व निकलने वाले द्रव की मात्रा में वृद्धि चाहते हैं। फिर लोगों का एक और समूह है जो वीर्य से उत्पन्न कामुकता का ही आनंद लेता है, और उनके लिए ज्यादा वीर्य आमतौर पर बेहतर होता है। आपके अधिक वीर्य चाहने का कारण चाहे कुछ भी हो, वह हमारे लिए यहाँ विचारणीय विषय नहीं है। वीर्य के बारे में सब कुछ सबसे पहले हम यह स्पष्ट कर दें कि वीर्य क्या है, और यह कहां एवं कैसे बनता है। हमें शुक्राणु और वीर्य के बीच का अंतर भी परिभाषित कर देना चाहिए। वीर्य-द्रव में तैरने वाली शुक्राणु की वास्तविक कोशिकाओं को ही शुक्राणु कहते हैं, और पूरे वीर्य में इसकी मात्रा सिर्फ 5% ही होती है। वीर्य (या वीर्य-द्रव) एक श्वेत तरल पदार्थ है जो पुरुष के कामोन्माद के दौरान निकलता है। शुक्राणु कोशिकाओं का उत्पादन अंडकोष में होता है, जबकि वीर्य-द्रव के अधिकांश भाग का उत्पादन आपके निचले श्रोणि क्षेत्र में स्थित कुछ विशेष ग्रंथियों में होता है (अधिक जानकारी के लिए उपरोक्त लिंक देखें)। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार चाहने वाले व्यक्ति के लिए अपने वीर्य की गुणवत्ता के साथ ही उसके स्वास्थ्य, गतिशीलता और उसमें मौजूद शुक्राणु कोशिकाओं की संख्या पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। वीर्य की मात्रा और पुरुष प्रजनन क्षमता के मामले में वीर्य की एक आश्चर्यजनक रूप से छोटी मात्रा ही उसके जननक्षम माने जाने के लिए काफी होता है - विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा स्थापित न्यूनतम मानक 1.5 मिली लीटर (लगभग एक चुटकी भर) है। एक स्वस्थ पुरुष के लिए वीर्य की आदर्श मात्रा लगभग 1.0 मिली लीटर से 6 मिली लीटर तक है, जबकि जनसंख्या के एक छोटे अंश द्वारा इसकी मात्रा 10 मिली लीटर से भी ज्यादा बताई गई है। सन्दर्भ के लिए एक मापक (चाय का) चम्मच लगभग 5 मिली लीटर का होता है।

आपके वीर्य की मात्रा को प्रभावित करने वाले 7 सबसे बड़े कारक

वीर्य और बल की मात्रा, जिनके बदौलत आप वीर्यपात करते हैं, विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें शामिल हैं (लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं है):
  1. आनुवंशिकी - हम अपने स्वयं की आनुवंशिकी और प्रजनन प्रणाली की क्षमता से बंधे हैं, लेकिन आप अपनी क्षमता को अधिकतम करने के तरीके ढूंढ सकते हैं
  2. उम्र - 50 से अधिक के पुरुषों को अक्सर वीर्य उत्पादन में गिरावट का अनुभव होगा, जबकि 20 और 30 के दशक वाले पुरुष आम तौर पर सर्वाधिक वीर्य उत्पादन का आनंद लेते हैं
  3. पोषण और जलयोजन (hydration) - वीर्य और शुक्राणु उत्पादन के लिए इष्टतम स्थितियों को प्राप्त करने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है
  4. उत्तेजना का स्तर - इससे अधिकांश पुरुषों के वीर्य की मात्रा में काफी अंतर आ सकता है, कभी भी अपने मस्तिष्क की शक्ति को कम न आंकें
  5. वीर्यपातों के बीच का अन्तराल - कई पुरुष अपनी वीर्य मात्रा को अधिकतम करने के लिए 2-3 दिन के अन्तराल को इष्टतम समय बताते हैं, लेकिन हमने 1 दिन से लेकर बहुत लंबे समय तक संयम रखने के बारे में सब कुछ सुना है (आमतौर पर नैदानिक शुक्राणु / वीर्य विश्लेषण परीक्षण में एक नमूना प्रदान करने से पहले रोगी को 2-7 दिनों तक का संयम रखने की सलाह दी जाती है)
  6. आपके जीवनशैली संबंधी फैसले [धूम्रपान करने वाले बनाम धूम्रपान न करने वाले, तनाव, BMI (Body Mass Index = एक व्यक्ति के शारीरिक द्रव्यमान (वजन) और ऊंचाई से प्राप्त परिमाण) व्यायाम, आदि] – बहुत कुछ पोषण / हाइड्रेशन की तरह ही आपका समग्र स्वास्थ्य भी स्वस्थ वीर्य और शुक्राणु के बनने में एक बड़ा कारक है
  7. PC (pubococcygeous) मांसपेशियों की ताकत - कुछ अन्य मांसपेशियों के साथ ही आपकी pubococcygeous (एक गुलेल-जैसा मांसपेशियों का समूह जो जघनास्थि से कोक्सीक्स तक फैला हुआ है।) मांसपेशियाँ न केवल आपके कामोन्माद की भावना के लिए बल्कि उस बल के लिए भी जिम्मेदार हैं जिसके बदौलत आप उन वीर्यपात के फव्वारों को अंजाम देते हैं।

"क्या (बेहतर) वीर्यपात की गोलियां काम करती हैं - क्या मैं वास्तव में अधिक वीर्य उत्पादित कर सकूंगा?"

जी हाँ! हम लंबे समय से सेमेनेक्स और वॉल्यूम पिल्स (Semenax and Volume Pills ) जैसे उत्पादों के एक बड़े प्रशंसक रहे हैं - वास्तव में हम 10 से भी ज्यादा वर्षों से वीर्य बढ़ाने की लोकप्रिय गोलियों की समीक्षा करते आ रहे हैं। किसी उच्च गुणवत्ता वाले वीर्य पूरक को लेने के दौरान आप न केवल अधिक वीर्य उत्पन्न होने की उम्मीद कर सकते हैं, बल्कि आप धीमी रिसाव वाले कामोन्माद को भी अलविदा कह सकते हैं तथा साथ ही अपने वीर्य को और भी अधिक दूर तक फेंकने की उम्मीद कर सकते हैं।

और भी दूर तक, ज्यादा वीर्यपात करें

जैसा कि हमने पहले उल्लेख किया था, वीर्य की मात्रा में वृद्धि चाहने वाले सभी लोग अपनी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने की चाह नहीं रखते। वीर्य उत्पादन में वृद्धि करके कमरे के अन्दर एक विशाल वीर्यपात करने की कई लोगों की बड़ी इच्छा होती है। कुछ महिलाओं को भी अपने साथी को एक विस्फोटक वीर्यपात के साथ एक जोरदार कामोन्माद का आनंद लेते देखना काफी पसंद है। वीर्य की मात्रा को बढ़ाना और दूर तक वीर्यपात करना दोनों पूरी तरह से अलग विषय हैं, और इन्हें इसी तरह से माना जाना चाहिए। आपके द्वारा उत्पादित वीर्य की मात्रा आनुवंशिकी और पोषण जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है। जिस बल के बदौलत आप वीर्य के उन फव्वारों को छोड़ते हैं, वह ज्यादातर संबंधित मांसपेशियों और कामोन्माद जनित संकुचन की ताकत पर निर्भर करता है। पुरुषों के लिए मौजूद केगेल व्यायाम (Kegel exercises = : पेशाब के प्रवाह को नियंत्रित करने वाले मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए, विशेष रूप से असंयम को नियंत्रित करने या रोकने के लिए या संभोग के दौरान यौन प्रतिक्रिया को बढ़ाने के लिए श्रोणि की मांसपेशियों का बार-बार संकुचन) के माध्यम से उन मांसपेशियों को प्रशिक्षित करना सीख लें, तो फिर आप दूर तक वीर्यपात करने में सक्षम होंगे (साथ ही साथ जोरदार कामोन्माद का भी आनंद लें)।

बढ़ती उम्र के साथ वीर्य की मात्रा में कमी?

यदि आप अपने 40 या 50 के दशक में हैं या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति हैं, तो आपने अपने वीर्य के उत्पादन में गिरावट महसूस किया होगा। दुर्भाग्यवश वीर्य की मात्रा के मामले में आनुवंशिकी की तरह ही उम्र भी एक कारक है, जो हमारे नियंत्रण से बाहर है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर में वीर्य-द्रव कम मात्रा में उत्पादित होता है, और इस आयु वर्ग के कई पुरुष बस अपनी मर्दानगी और वीर्य-द्रव की मात्रा को पुनः बहाल करना चाहते हैं। सौभाग्यवश वीर्य-स्वास्थ्य को अधिकतम करने के संबंध में इस साइट पर मौजूद अधिकांश जानकारियाँ सभी आयु वर्गों के संबंध में है। युवावस्था से मृत्यु तक पुरुष अपने जीवन के हर दिन लाखों शुक्राणु पैदा करते हैं। वीर्य का उत्पादन आम तौर पर 20 और 30 के दशक में शीर्ष पर होता है और फिर धीरे-धीरे गिरावट शुरू होती है; और आपकी उम्र के 50वें साल के आसपास कभी-कभी इसकी मात्रा सबसे कम के स्तर तक पहुंच जाती है।

संयम, समय का चयन, और तकनीक

लोग कहते हैं कि समय का चयन ही सबकुछ है। यद्यपि कुछ पुरुष स्खलन के कुछ ही घंटों बाद वीर्य की पूर्ण मात्रा का उत्पादन कर लेने में सक्षम होते हैं, हम में से अधिकांश कुछ दिनों के इंतजार के माध्यम से अपने भंडारों (वीर्यकोश) को भरने का मौका दे सकते हैं। यह पूरी तरह से एक व्यक्तिगत मामला है और आपको स्खलनों के बीच का अपना इष्टतम अंतराल खुद ही तय करना होगा; हालाँकि, अधिकांश पुरुषों के अनुसार कम से कम एक पूरे दिन का संयम सहायक होता है, जबकि एक बड़े वीर्यपात को अंजाम देने के लिए तीन दिनों का अंतराल पुरुषों के लिए लोकप्रिय लक्ष्य मालुम होता है। आपके स्खलनों के बीच के अंतराल के अलावे, कामोन्माद के निर्माण में कुछ समय लगाना वास्तव में लाभदायक साबित होता है। इस कारक को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, लेकिन लगभग हर व्यक्ति को विस्तारित उत्तेजन से फायदा होगा। संभोग से पूर्व का लंबे समय का विलास, हस्तमैथुन, या अन्य यौन क्रिया-कलाप पुरुष प्रजनन प्रणाली को सक्रिय करने और उसे अत्यधिक सक्रियता के दौर में पहुँचने के लिए ज़रूरी समय प्रदान करता है। संभोग को 5 मिनट में ही झट से पूरा करने वाले उत्तेजन की तुलना में एक घंटे (या अधिक) का उत्तेजन लगभग सभी पुरुषों को अधिक वीर्यपात का अनुभव देगा। अपनी वीर्य की मात्रा को अधिकतम करने के लिए एक लोकप्रिय और प्रभावशाली तकनीक है: स्खलित किये बगैर यथासंभव कामोन्माद के अधिक से अधिक नजदीक पहुंचें, फिर पीछे हट जाएं और वापस नए सिरे से शुरू करें। लंबी अवधि तक स्खलन विन्दु से पूर्व की अवस्था में बने रहना "एजिंग" (“edging”) के रूप में जाना जाता है और यह आपके वीर्य की मात्रा को अधिकतम करने के लिए एक बहुत अच्छी तकनीक है।

स्वस्थ जीवन शैली, पोषण, और जलयोजन

यह एक ऐसा क्षेत्र है जो आपके नियंत्रण में है, और यह आपके वीर्य की मात्रा के साथ-साथ स्वस्थ शुक्राणु के उत्पादन को भी बढ़ावा दे सकता है। आपको अपने शरीर को इष्टतम स्थितियाँ प्रदान करने की जरूरत है ताकि आपका प्रजनन तंत्र कुशलतापूर्वक काम कर सके, और इसे लगातार तनाव में डालने से बचा जा सके। शोध से पता चला है कि मोटापा, धूम्रपान, अतिरिक्त शराब, नियमित व्यायाम की कमी, तनाव और घटिया (जरुरी पोषक तत्व विहीन) आहार आपके प्रजनन प्रणाली के समग्र स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं और उत्पादन में बाधक सिद्ध होते हैं। आपको रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की कोशिश करनी चाहिए [3 लीटर या 12 आउंस (336 ग्राम) नाप के गिलास का आठ गिलास]; जलयोजन हो जाने मात्र से वीर्य के बढ़ जाने की कोई गारंटी नहीं होगी, लेकिन निश्चित रूप से निर्जलित होना आपके उद्देश्य में सहायक नहीं होगा। इष्टतम वीर्य और शुक्राणु उत्पादन के लिए शुरूआती कदम के रूप में अपने आहार में सुधार करना सबसे अच्छा है। संसाधित भोजन और चीनी को बंद करना एक अच्छी शुरुआत है। स्वास्थ्यकर सब्जियों एवं फलों के साथ ही मछली और जैविक मांस जैसे स्रोतों से मिलने वाली पौष्टिक प्रोटीन युक्त एक संतुलित आहार लेने का प्रयास करें। वीर्य और शुक्राणु के लिए सर्वोत्तम खाद्य पदार्थों के बारे में हमारे पृष्ठ को देखें, जिसमें खाद्य पदार्थ और वीर्य के बारे में कुछ आम गलतफहमियाँ भी शामिल हैं। अपने आयु वर्ग के पुरुषों के लिए खास तौर पर तैयार किया गया मल्टी-विटामिन लेना शायद हम में से अधिकांश के लिए एक अच्छा विचार है, क्योंकि चाहे हम कितना भी स्वस्थ भोजन लेने की कोशिश करें, फिर भी न जाने कितने ही प्रकार के विटामिन और खनिजों की कमी से पीड़ित हो सकते हैं। वीर्य को बढ़ाने के कई हर्बल (जड़ी-बूटी आधारित) खुराक भी हैं जिन्हें विशेष रूप से वीर्य के ज्यादा उत्पादन के लिए आपके प्रजनन प्रणाली को एक जोरदार प्रोत्साहन देने के लिए तैयार की जाती है।

"तो अगला कदम क्या है - मैं अपने प्रयासों को किस बात पर केंद्रित करूं?"

सच तो यह है कि आपका वीर्य और शुक्राणु उत्पादन विभिन्न कारकों पर निर्भर है। यदि आप ज्यादा मात्रा में वीर्यपात करना चाहते हैं तो आपको अपने शरीर को सर्वोत्तम परिवेश प्रदान करने की आवश्यकता होगी। जहां आनुवंशिकी और आपकी प्रजनन प्रणाली की क्षमता अंततः आपके वीर्य की अधिकतम मात्रा को निर्धारित करेगी, वहीं स्वस्थ शुक्राणु और वीर्य उत्पादन के लिए इष्टतम स्थितियों को प्रदान करना कुछ हद तक आपके नियंत्रण में है। अधिकांश पुरुषों ने कभी भी अपने वीर्य की पूर्णतम मात्रा का अनुभव नहीं किया है, और वे अपनी क्षमताओं पर आश्चर्यचकित हो जाते हैं जब वे अपनी वीर्य क्षमता को अधिकतम कर लेते हैं और अंत में भारी मात्रा में वीर्यपात करने का अनुभव प्राप्त करते हैं।
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